Hello friends, Yeah Mera Hindi blog hai. Jiske through main Aapke Saath Apne vichar har us topic par share karongi. Jo ek aam insan ke jeewan main aate hai. Kabhi Kuch aapko galat lage to jaror comments kijey. Kyoki Sona aag main tap kar hi Kundan banta jai. Chahe jaisa bhi samay ho life main upper niche laga rahata hai. Iske bavjood mere blog ke title ke Tarah "The World is Beautiful" hai, hai na. Thanks.
Friday, 20 February 2026
एक छोटी सी पहल, बड़ा बदलाव
Saturday, 14 February 2026
महाशिवरात्रि पूजा विधि और आध्यात्मिक महत्व
महाशिवरात्रि हिन्दू धर्म का एक प्रमुख और अत्यंत पवित्र पर्व है, जो भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित है। यह फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं, शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और रात्रि में जागरण कर भजन-कीर्तन करते हैं।
🌸 महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व
मान्यता है कि इस पावन रात्रि में भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यह दिन शिव-शक्ति के मिलन का प्रतीक है। शिवरात्रि की रात को अत्यंत शुभ और ऊर्जावान माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और जीवन के कष्ट दूर होते है।
📖 पौराणिक कथा
Wednesday, 11 February 2026
चलती रिक्शा से कूद गई बच्ची | सच्ची घटना और हिम्मत की कहानी
एक खुशहाल दिन जो डर में बदल गया
यह बहुत पुरानी बात है, जब शहर में सिर्फ साइकिल रिक्शा चला करते थे। हम पाँच लोगों का छोटा सा परिवार था — मम्मी, पापा, मैं गीतू, मेरी बड़ी बहन रीतू और छोटा भाई गोलू।
उस दिन हम सब बहुत खुश थे क्योंकि हम घूमने जाने वाले थे। पापा रिक्शा लेकर बाहर खड़े थे। मम्मी तैयार हो रही थीं। रीतू अपनी सहेली निधि के साथ बाहर खेल रही थी।
खेलते-खेलते दोनों मज़ाक में रिक्शा पर बैठ गईं। तभी रिक्शावाले ने कहा, “चलो बेटा, गली का एक चक्कर लगवा देता हूँ।”
दोनों छोटी थीं… और मान गईं।
जब रिक्शा गली से बाहर निकल गई
शुरुआत में सब सामान्य लगा। रिक्शा धीरे-धीरे गली में घूम रही थी।
लेकिन अचानक… वह गली से बाहर निकल गई।
मंदिर पीछे छूट गया। अब रिक्शा छोटे बाज़ार की ओर बढ़ रही थी।
उसकी रफ्तार तेज होती जा रही थी।
रीतू को कुछ गड़बड़ महसूस हुआ। उसने धीरे से निधि से कहा,
“कुछ ठीक नहीं है… ये हमें दूर ले जा रहा है…”
अब दोनों के चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था।
छोटी सी बच्ची का बड़ा फैसला
छोटी सी बच्ची का बड़ा फैसला
निधि घबरा गई थी। लेकिन रीतू ने हिम्मत दिखाई।
“अगर अभी नहीं कूदे… तो पता नहीं कहाँ ले जाएगा…”
चलती रिक्शा… तेज रफ्तार… और एक पल का फैसला।
रीतू ने पहले निधि को खड़ा किया और उसे धक्का देकर नीचे गिरा दिया। फिर खुद भी कूद गई।
दोनों सड़क पर गिर गईं। चोट लगी। लोग चिल्लाए। कुछ लोग रिक्शावाले के पीछे भागे, लेकिन वह भाग निकला।
उसी समय पापा भी उन्हें ढूंढते हुए वहाँ पहुँच गए।
हिम्मत ने बदल दी पूरी कहानी
पहले डांट पड़ी…
फिर जब चोटें देखीं तो डांट चिंता में बदल गई।
डॉक्टर के पास ले जाया गया। पट्टी हुई। इंजेक्शन लगे।
उस दिन घूमने का प्रोग्राम रद्द हो गया।
लेकिन एक बात तय हो गई —
उस छोटी सी हिम्मत ने दो जिंदगियाँ बचा लीं।
आज भी जब हम उस घटना को याद करते हैं, तो भगवान का शुक्रिया करते हैं कि सही समय पर सही फैसला लिया गया। इस कहानी से हमें ये शिक्षा मिलती है कि...
* बच्चों की सुरक्षा क्यों है ज़रूरी?
* यह सच्ची घटना हमें कुछ जरूरी सीख देती है:
* बिना बड़े के साथ किसी भी वाहन में न बैठें।
* अनजान व्यक्ति की बातों में न आएँ।
* खतरा महसूस हो तो तुरंत शोर मचाएँ।
* माता-पिता बच्चों को सुरक्षा के बारे में जरूर सिखाएँ।
निष्कर्ष
यह सिर्फ एक हिम्मत की कहानी नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा का संदेश है।
कभी-कभी एक छोटा सा साहसिक कदम पूरी जिंदगी बदल देता है।
Monday, 9 February 2026
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Thursday, 5 February 2026
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Tuesday, 3 February 2026
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Sunday, 1 February 2026
ऋषि उपमन्यु और भगवान शिव की सच्ची कथा
भगवान शिव को भोलेनाथ यूँ ही नहीं कहा जाता। वे न पद देखते हैं, न उम्र, न धन—वे केवल सच्चे मन की भक्ति पहचानते हैं। आज हम आपको शिव जी के जीवन से जुड़ी एक ऐसी कथा बता रहे हैं, जो बहुत कम लोगों को पता है, लेकिन शिव भक्ति का सबसे गहरा रूप दिखाती है।








