Friday, 23 January 2026

महंगी सीट नहीं, जवान की जान की कीमत है — एक अंतरात्मा को झकझोरने वाली कहानी

       


      गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो गई थी। गीत के मामा मामी, मासी और उसकी फैमिली ने मिलकर घूमने का प्रोग्राम बनाया। जगह फाइनल हो गई। जहां जाना था। ट्रेन की tickets भी बुक हो गई। उनकी Rajdhani की फर्स्ट क्लास sleeper ki tickets थी। उन सबकी सीट्स एक साथ थी। जिस कारण एक पूरा chamber 8 seats का उनका ही था। और यह बड़े मजे की बात थी।

      वो दिन भी आ गया। जब सबको निकलना था। सब अपने - अपने घरों से रेलवे स्टेशन पर मिले। कुछ देर बाद ट्रेन भी आ गई। और सब उस पर चढ़ गए। सब अपनी - अपनी seats पर बैठ गए। सब नाचते गाते, मजे करते हुए जा रहे थे। सबको बहुत मज़ा आ रहा था। जहां वो जा रहे थे। वहां के सफर में एक रात ट्रेन में ही गुजारनी थी। अब रात भी हो गई थी। सब सोने की तैयारी कर रहे थे। गीत और उसके भाई - बहनों को आखरी warning मिल गई थी। कि जल्दी सो जाओ। क्योंकि आस - पास के लोग भी सोने वाले थे। इसीलिए सबको सोना पड़ा।

     अभी एक घंटा ही हुआ था। गाड़ी झटके से उस स्टेशन पर रुकी। जहां उसे नहीं रुकना था। और बहुत सारे army के जवान हमारी ट्रेन पर चढ़ गए। वो इतने सारे थे। कि ट्रेन खचाखच भर चुकी थी। सभी यात्री जाग गए थे। गीत के मामा ने एक जवान से पूछा - क्या हुआ है? भाई

     वह बोला - कि अचानक ही देश के बॉर्डर पर बहुत हलचल हो रही हैं। इसलिए हम सब की छुट्टियां कैंसिल कर दी गई है। और तुरन्त बुलाया गया है।

तभी ट्रेन में भी यह अनाउसमेंट हो गई। और सभी यात्रियों से अनुरोध किया गया कि वो कार्पोरेट करें।

      तभी गीत के कोच के साथ में बैठे एक सज्जन जोर से चिल्लाने लग गए। कि यह क्या तरीका है। हम इतनी महंगी टिकट खरीद कर आए। उसके बाद इतनी मुसीबत भी झेले। और साथ ही अपनी सीट भी share करें। उनके साथ कई और लोग भी हां में हां मिलाने लगे। हम सो रहे थे। डिस्टर्ब कर दिया। 

     गीत यह सब चुपचाप सुन रहा था। और देख रहा था। कि किसी भी जवान ने पलट के जवाब नहीं दिया। जिसको जहां जगह मिली। वो वहां खड़े हो गए। ना ही किसी से उन्होंने सीट मांगी। पर अभी पूरी रात पड़ी थी।

    यह देखकर गीत को बड़ा गुस्सा आया। वो बहुत तेज चिल्लाया और सबको चुप रहने को कहा और जवानों से बोला - आप लोग इस कोच में आ जाओ। यह सब हमारे परिवार की सीटें है। आप सब यहां आराम से बैठो या लेट कर आराम कर लो। क्योंकि उसने जवानों को यह कहते हुए सुन लिया था। कि उन्हें खाना छोड़ कर आना पड़ा है।

   फिर वो उन अंकल के पास गया और कहा - एक बात बताएं आप इनके आने से disturb हो गए। और आप अपनी सीट भी शेयर नहीं करना चाहते। क्योंकि इसकी टिकट बहुत महंगी है। यह जवान भी तो आराम से अपने घरों में अपनी family के साथ खाना खा रहे थे। पर जैसे ही इन्हें पता चला कि border पर हलचल हो रही है। तो यह अपना आराम, खाना और परिवार छोड़ कर, आप और आपके जैसे इन एहसान फरामोश देश वासियों को बचाने आ गए। 

    जब बॉर्डर पर दुश्मन की गोली चलेगी और किसी जवान को लगेगी। तो क्या वो आपकी सीट से ज्यादा महंगी होगी। आप अपने आप को देखो जो अपनी सीट share नहीं कर पा रहे। उनके लिए, जो मौका आने पर आपके लिए अपनी जान sacrifice करेंगे। इतने में एक जवान बोला - कोई बात नहीं। गीत ने कहा - कुछ नहीं होता। हम सब को तो घर जाकर टांगे फैलाकर सो जाना है। लेकिन आप लोग को जाते ही बॉर्डर पर तैनात हो जान है। और उन अंकल को देखकर गीत ने कहा - शर्मा कीजिए। इनकी मदद करने की बजाय आप अपना ही रोना रो रहे हो।

इतने में गीत की मां ने उसे बुलाया और कहा - बेटा देखी यह थोड़ा सा नाश्ता है। यह तो उन्हें दो ताकि वो खा सके।

     हमारी यह बातें सुनकर और लोगों को भी शर्म आई। उन सब लोगों ने भी अपनी सीट share करनी शुरू कर दी। ओर उन्हें जो कुछ भी था खाने को देना शुरू किया। 

    अब तो उन सज्जन को भी शर्म आई। और आकर उन्होंने माफी मांगी। अब क्या था। सब आराम से set हो गया। अब सब जवानों को जगह मिल गई थी। रात निकल गई। सुबह होते ही सब जवान उतर गए। और जाते वक़्त उन जवानों ने गीत को धन्यवाद किया।

💛 आशीर्वादसहित

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