Sunday, 4 January 2026

जब अपनी ही परछाई, अपना ही साथ छोड़ दे

 


      


    रूपेश का एक छोटा सा परिवार था। जिसमें दो छोटे-छोटे बच्चे,बीवी, और माता-पिता थे। अपना मकान था। और वह इनकम टैक्स विभाग में अच्छी पोस्ट पर था। उसकी बीवी housewife थी। वो घर पर रहती थी। रूपेश अपनी जिंदगी से खुश था। क्योंकि उसके जो कुछ उसे चाहिए था।उसके पास सब कुछ था। वो बहुत खुश था।


      समय बीतता चला गया। महंगाई बढ़ने लगी। और आमदनी कम होने लगी। पर फिर भी वह अपनी गृहस्थी में खुश था। एक दिन वो और उसका परिवार छुट्टी के दिन घूमने के लिए गया। कैब बुलाई गई। और सब उसमें बैठ कर घूमने निकले। आज का दिन उन सबने Decide किया था कि खूब मस्ती करेंगे। वह अपने परिवार के साथ कैब से उतरा ही था। कि पीछे से किसी ने उसे आवाज़ लगाई। उसने मुड़ कर देखा कि उसके ऑफिस का साथी भी अपनी फैमिली के साथ वहां घूमने आया हुआ था। 


       रूपेश ने उसे अपनी family से मिलवाया और उसने अपनी फैमिली से। बातों बातों में उसने पूछा कि आप कैसे आए हो। तो रुपेश ने बताया कैब से। उसने जब यह कहा तो उसके दोस्त ने हैरानी से पूछा कि आपके पास अपनी कार नहीं है। क्योंकि वह तो अपनी कार से आया है। यह देखकर रूपेश को अजीब लगा क्योंकि वह और उसका दोस्त एक ही पोस्ट पर थे। इसके बाद वो और उसका दोस्त अपनी-अपनी family के साथ घूमने निकल गए। 


     घूमने के बाद रूपेश खाने के लिए restaurant ढूंढने लगा। तभी उसने देखा कि उसका दोस्त 5 Star रेस्टोरेंट में खाना खा रहा था। और वो एक budget friendly restaurant ढूंढ रहा था। यह देखकर उसे थोड़ा बुरा लगा। लेकिन उसकी बीवी जो काफी देर से रूपेश को देख रही थी और महसूस भी कर रही थी। कि उसके मन में क्या चल रहा हैं। एकदम बोल पड़ी- क्या मम्मी जी रोज़ रोज़ एक जैसा खाना खा खा कर बोर हो गए है। आज चाट पकौड़ी खाते है। अगर भूख लगी तो घर पर दाल-चावल बना लेंगे। रूपेश की मां और बच्चों ने भी हां भर दी। बस क्या था। सबने जमकर अपनी अपनी पसंद का खाना खाया। और मौज-मस्ती करते हुए घर आ गए। और घर पहुंच कर सब अपने-अपने बिस्तर पर सोने चले गए।


      रूपेश और उसकी बीवी भी सोने के लिए चले गए। लेकिन आज रूपेश बहुत ही उदास था। वो यह सोच रहा था कि जब उसके दोस्त और उसकी पोस्ट एक ही है। तो वो कैसे यह सब कर लेता है। कार, 5 star restaurant, महंगे खिलौने, बच्चों के लिए। उसने सोचा कि वो भी उसकी तरह ऊपर से कमाई शुरू करेगा। और अपने परिवार को सब कुछ देगा।


      बस क्या था यही सोचते-सोचते कब उसकी आँख लग गई उसे पता ही नहीं लगा। और उसे सपना आया कि वो ऑफिस में है और जैसे उसने सोचा था कि वो भी वैसे ही पैसे कमाएगा जैसे सब कमाते है। तभी एक बड़ा बिज़नेस मैन वहां आया उसके टैक्स में कुछ गड़बड़ थी। रूपेश से वो request करने लगा कि वो इस घपले को संभाल ले। वो उसे मुंह मांगी कीमत देगा। रूपेश ने हामी भर दी। 


     और अब रूपेश ऐसे ही केस लेने लग गया। जिस पर ऊपर से कमाई होती थी। अब क्या था उसके पास भी पैसे की कमी नहीं थी। कार, अच्छा घर, नौकर, महंगी चीजे सब उसके पास थी। और सब बहुत खुश थे। 


      लेकिन इन सब में उसने ध्यान नहीं दिया कि उसकी परछाई उसके साथ नहीं है। वो परछाई जो हमेशा हमारा साथ देती है। कोई साथ हो न हो वो हर हाल में हमारे साथ होती है। यह देखकर उसे बहुत हैरानी हुई। की वो कहां चली गई। उसने बहुत सोचा कि ऐसा क्यों हुआ। तब बहुत request करने पर उसे अपनी परछाई से मिलने का मौका मिला। उसने परछाई से पूछा-कि ऐसा क्या हुआ है कि तुम ने मेरा साथ छोड़ दिया। परछाई बोली कि एक बात बताओ जब तुम ऐसी ऊपर की कमाई नहीं करते थे। क्या तुम्हारा परिवार भूख से मर रहा था। क्या उनके पास अच्छे कपड़े नहीं थे। किसी चीज की कमी थी।


     रूपेश बोला-नहीं तो। फिर मुझे बताओ कि तुम्हें ऊपर की कमाई क्यों करनी पड़ी। क्या तुम्हारे परिवार ने कहा कि उन्हे गाड़ी चाहिए, क्या तुम्हारे बच्चे वो महंगा खिलौना न मिलने पर तुम से नाराज हुए तुम्हारे और तुम्हारी बीवी के समझाने पर वो मान गए ना। और खुश भी हो गए। तुमसे घर आकर कोई शिकायत भी नहीं की ना। जब सब सही था तो तुम्हे क्यों दुख हुआ। अगर तुम्हारे पास वो सब नहीं था जो तुम्हारे दोस्त के पास था तो क्या हुआ। अभी नहीं था तो क्या 2-3 साल बाद आ जाता। तुम्हारी ego क्यों hurt हुई। और इतनी hurt हुई कि तुम भी वैसे ही बन गए। 


      यही कारण है कि मैने तुम्हारा साथ छोड़ दिया। क्योंकि मुझे भी वही पुराना रूपेश पसंद था जो कि ईमानदार, सच्चा और अच्छा इंसान था। इसलिए मैं तुमसे दूर हो गई। यह सुनकर रूपेश को बहुत बुरा लगा और लगा कि उसने जो भी किया है। वो बहुत गलत किया है। वो परछाई के आगे माफी मांगने लगा, कहने लगा कि वह फिर ऐसा नहीं करेगा। अब हमेशा ईमानदारी से काम करेगा। परन्तु परछाई ने उसकी एक नहीं सुनी और वो उससे दूर चली गई। और वो रोता रहा।


     तभी घड़ी का अलार्म बज गया। और उसकी आँख खुल गई। और जब उसने देखा कि वो सब सपना था। उसकी सांस में सांस आई। वो पसीने पसीने हो गया था। उसकी बीवी ने पूछा-क्या हुआ। तब उसने जवाब दिया। कि एक डरावना सपना देखा था। लेकिन अब सब सही है। वो उठा नहाया-धोया, नाश्ता किया, अपने पूरे परिवार को देखा सब बहुत खुश थे। खासकर कल के ट्रिप को लेकर तो उसे बहुत तसल्ली हुई। फिर रूपेश भी तैयार हो कर जैसे ही बाहर निकला तो सूर्यदेव जी आ गए थे। उसने उन्हें नमस्कार किया। और दूसरी ओर देखा उसकी परछाई उसके साथ थी। वो बहुत खुश हुआ। उसने सोचा जब उसका परिवार खुश है तो सब सही है।










7 comments:

  1. Bahut achi kahani hai❤️

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  2. Best writer❤️

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  3. Keep growing❤️

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  4. Bahut achi kahani hai mummy bahut maza aaya❤️🙌

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  5. Very good story, motivational story and interesting bhi❤️

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